कैमरा पर्सन के साथ मैं एक्सवाईजेड टीवी के लिए। नमस्कार सबसे पहले नजर डालते हैं आज की सुर्खियों पर टीवी रिपोर्टर और न्यूज ऐंकर का यह अंदाज क्या आपको भी प्रभावित करता है? यदि आप मीडिया के इस अंदाज-ए-बयां को अपना अंदाज बनाना चाहते हैं, तो दिल्ली विश्वविद्यालय के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से मीडिया सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं।
कोर्स की रूपरेखा
एचएमएस फिल्म्स ऐंड टीवी इंस्टीट्यूट के सहयोग से महाराजा अग्रसेन कॉलेज टीवी न्यूज रीडिंग, रिपोर्टिग, ऐंकरिंग ऐंड वॉयस ओवर और सिनेमेटोग्राफी-कैमरा ऐंड लाइटिंग टेक्निक्स में तीन-तीन माह के दो सर्टिफिकेट कोर्स संचालित कर रहा है। दोनों ही कोर्सो में स्टूडेंट्स को संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों द्वारा सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रवेश के लिए योग्यता
इस कोर्स में प्रवेश के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बारहवीं पास है। इस कोर्स में ऐसे उम्मीदवार भी एडमिशन ले सकते हैं, जो पहले से नौकरीपेशा हैं और मीडिया में रुचि होने की वजह से इस कोर्स को करना चाहते हैं।
सीटों की संख्या
दोनों ही पाठ्यक्रमों में 25-25 विद्यार्थियों को एडमिशन दिया जाएगा।
कोर्स की फीस
महाराजा अग्रसेन कॉलेज व डीयू के विद्यार्थियों के लिए दोनों कोर्सो की फीस अलग-अलग लगभग 12 हजार रुपये है, जबकि अन्य छात्रों के लिए दोनों कोर्सो की फीस 15-15 हजार रुपये निर्धारित की गई है।
आवेदन की अंतिम तिथि
इन कोर्सो में प्रवेश के लिए 12 नवंबर, 2008 तक आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए फॉर्म कॉलेज से ही प्राप्त किए जा सकते हैं। भरे हुए फॉर्म कॉलेज में ही जमा किए जाएंगे। इन कोर्सो की कक्षाएं 15 नवंबर से कॉलेज कैंपस में सप्ताह में दो दिन दोपहर 2 बजे के बाद चलाई जाएंगी।
कहां करें आवेदन
महाराजा अग्रसेन कॉलेज, मयूर विहार फेज-वन, डीडीए फ्लैट्स परिसर, दिल्ली-110091
फोन : 011-22718067
वेबसाइट : www.macdu.com
व्यावहारिक प्रशिक्षण पर अधिक जोर
हमारे इस कोर्स के अंतर्गत विद्यार्थियों को हैंड्स ऑन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के जरिए मीडिया में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। गेस्ट फैकल्टी के रूप में इस क्षेत्र के विशेषज्ञ सीधे विद्यार्थियों से रूबरू होते हैं। स्टूडेंट्स को व्यावहारिक प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के लिए हमने एक मीडिया हाउस से टाई-अप किया है।
दरअसल, इस कोर्स का पूरा फोकस इस पर है कि हम मीडिया में कार्य करने के लिए बेहतर प्रोफेशनल्स तैयार कर सकें। कॉलेज में अपना स्टूडियो तो है ही, जिसमें छात्र तकनीकी बारीकियां सीखते हैं, इसके अलावा व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए स्टूडेंट्स को स्टूडियो विजिट भी करवाई जाती है।
Wah Bhai, aap achhi jaankari de rahe hai. Dete rahe, hum laabh lete rahenge. Vaise aap bhi hamare blog se labhanvit ho sakte hai.
ReplyDeletehttp://gangu-teli.blogspot.com
चिट्ठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है. लिखते रहिये. शुभकामनाएं.
ReplyDelete---
समाज और देश के ज्वलंत मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए व बहस में शामिल होने के लिए भाग लीजिये व लेखक / लेखिका के रूप में ज्वाइन [उल्टा तीर] - होने वाली एक क्रान्ति!
jankari damdar hai.narayan narayan
ReplyDelete