अपनी स्टूडेंट लाइफ में अमूमन हर व्यक्ति विदेश में पढने का सपना जरूर देखता है। मगर इनमें से कुछ ही लोगों का सपना हकीकत में तब्दील हो पाता है, क्योंकि अधिकांश छात्रों के सपने सिर्फ सपने बनकर ही रह जाते हैं। जो छात्र किन्हीं कारणों से विदेश नहीं जा पाते, वे इस धारणा से ग्रसित होते हैं कि विदेश में शिक्षा उनकी पहुंच के बाहर है। मगर आज हर किसी के लिए विदेश में शिक्षा प्राप्त करना आसान हो गया है। इसके लिए न केवल शिक्षण संस्थाओं, बल्कि बैंकों द्वारा भी खुलकर वित्तीय सहायता दी जाने लगी है। ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में दुनिया सिकुडती जा रही है, जिसके कारण दूरियों के अब कोई मायने नहीं रह गए हैं। दरअसल, इंटरनेट और टेलीफोन के जरिए अब आप विदेश में रहते हुए भी चौबीस घंटे अपने घर वालों से जुडे रह सकते हैं। कुछ वर्ष पहले तक यह धारणा थी कि विदेशों में मात्र अमीरों के बच्चे ही पढ सकते हैं, लेकिन आज फाइनैंशियल एड के जरिए सामान्य परिवारों के छात्र भी अपने इस सपने को पूरा कर सकते हैं। आम तौर पर छात्र विदेशों में पढने को एक बडी उपलब्धि मानते हैं। दरअसल, छात्रों में यह धारणा भी रहती है कि विदेश से पढकर आने के बाद जॉब मिलने में देर नहीं लगती, क्योंकि सीवी में ग्लोबल अनुभव आपकी अच्छी छवि को दर्शाता है।
मगर विदेश में पढाई करने से पहले कुछ बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है, जैसे-किस तरह के कोर्स में एडमिशन लेना है, किस देश की किस यूनिवर्सिटी या कॉलेज में प्रवेश लेना है, इसके लिए पहले क्या-क्या करना होगा आदि। इसके संबंध में सभी कदम पहले ही उठाने होंगे, अन्यथा आपका पूरा करियर चौपट हो सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही विदेश में अपनी पढाई के सफर को आगे बढाएं। इसके लिए हर स्टेप पर सजग रहें। मुख्य रूप से किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, बता रहे हैं टीएमजी ग्रुप के सीएमडी, विराज गुप्ता .
. यूनिवर्सिटी/कॉलेज का चयन
विदेशों से शिक्षा हासिल करने के लिए आवेदन करने से पहले आपको पूरी योजना तैयार करनी पडेगी। ऐसी योजना बनाते समय आपको कुछ बिंदुओं पर ध्यान जरूर देना पडेगा, जैसे-आपकी आर्थिक क्षमता और आवेदन करने में लगने वाला समय। दरअसल, विदेश में पढने से एक वर्ष पूर्व ही आवेदन कर दिया जाता है। साथ ही, आपको एक स्टैंडर्ड टेस्ट को भी पास करना होगा, जिसके लिए तैयारी करने की भी जरूरत पडेगी। विदेश में आवेदन करने से पहले इन निर्देशों का जरूर पालन करें :
सबसे पहले उन सभी यूनिवर्सिटीज की सूची बना लें, जिनमें आप पढना चाहते हैं। सूची बनाते समय इस बात पर भी ध्यान रखें कि जिस विषय में आपकी रुचि है, वह उस यूनिवर्सिटी में उपलब्ध है या नहीं!
इसके बाद उन यूनिवर्सिटीज का चयन कर लें, जो आपके बजट, स्थान, पाठ्यक्रम और इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुकूल हैं। इससे आप बेवजह की परेशानी से तो बचेंगे ही, आवेदन में लगने वाला अतिरिक्त पैसा भी बचेगा।
प्रवेश से पहले जरूरी टेस्ट
अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में पढने के लिए पूरी दुनिया से छात्र आवेदन करते हैं। ऐसे में इन सभी छात्रों की योग्यता जांचने-परखने के लिए कुछ मानक परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है। सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों को फॉरेन यूनिवर्सिटीज में दाखिला पाने के लिए इन परीक्षाओं में शामिल होना अनिवार्य है। ये टेस्ट विभिन्न देशों के पाठ्यक्रमों के अनुकूल होते हैं। इनमें नीचे दी गई परीक्षाएं प्रमुख हैं :
SAT(उन छात्रों के लिए, जो अमेरिका में बैचलर डिग्री के लिए आवेदन कर रहे हैं)
GMAT(विदेश में रूक्चन् के लिए आवेदन करने वालों के लिए)
GRE (ग्रेजुएट रिकॉर्ड एग्जामिनेशन)
LSAT(लॉ स्कूल एडमिशन टेस्ट)
MCAT (मेडिकल कॉलेज एडमिशन टेस्ट)
TOEFL/IELTS(इंग्लिश प्रोफिसिएंसी टेस्ट)
जरूरी डाक्यूमेंट्स
विदेश में पढाई के इच्छुक छात्रों को आवेदन फॉर्म के साथ जरूरी डॉक्यूमेंट्स भी जमा करने पडते हैं, जैसे :
जिन विश्वविद्यालयों/कॉलेजों से शिक्षा हासिल किया है, उनकी सूची।
किसी संस्था से अनुशंसा का पत्र।
संबंधित विदेशी शिक्षण संस्थान में पढने का उद्देश्य
रिज्यूमे।
फाइनैंशियल कैपेबिलिटी सर्टिफिकेट/बैंक स्टेटमेंट।
फाइनल अप्लीकेशन फॉर्म (फीस सहित)।
फाइनैंशियल एड फॉर्म।
टेस्ट रिजल्ट्स (अगर चार से अधिक यूनिवर्सिटी में आवेदन किया गया हो)।
कैसे प्राप्त करें पासपोर्ट?
विदेश जाने के लिए (भले ही वह शिक्षा हासिल करने के लिए ही क्यों न हो) सबसे पहले अपने देश में पासपोर्ट बनवाना होता है। यदि आप पहली बार पासपोर्ट के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो सबसे पहले आपको पासपोर्ट एक्सेप्टेंस फैसिलिटी में आवेदन करना पडेगा। यहां पर आपको गैर-हस्ताक्षरित अप्लीकेशन फॉर पासपोर्ट फॉर्म डी एस-ढ्ढढ्ढ की जरूरत पडेगी। साथ ही, इसके लिए अपनी नागरिकता का कोई प्रमाण भी देना होगा। पासपोर्ट के लिए आपको निकटतम क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में आवेदन करना होगा।
पासपोर्ट की फीस
अलग-अलग अवधि और वैधता वाले पासपोर्ट की फीस इस प्रकार है:
दस साल की वैधता का नया पासपोर्ट : 1,000/- रुपये (पासपोर्ट बनने की अवधि-14 दिन)।
दस साल की वैधता का नया पासपोर्ट 1,500/- रुपये (एक सप्ताह के भीतर)।
पंद्रह साल से कम यानी अवयस्कों का नया पासपोर्ट : 600 रुपये।
पासपोर्ट के लिए आपको अपनी पहचान प्रमाणित करने के लिए निम्नलिखित में से किसी एक चीज की जरूरत होती है :
पिछला पासपोर्ट (यदि पहले से पासपोर्ट है और नया पासपोर्ट बनवाने के लिए)।
नागरिकता प्रमाण पत्र।
हाल में बना ड्राइविंग लाइसेंस।
कोई भी सरकारी पहचान-पत्र।
इसके अतिरिक्त छात्रों को दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ की जरूरत होती है, जो यहां दी गई शर्तो के अनुसार होना चाहिए :
फोटो का साइज 2&2 इंच का होना चाहिए।
उससे आपकी पहचान साबित होनी चाहिए।
वह छह महीने से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए और उससे आपका ताजा हुलिया मेल खाना चाहिए।
फोटो, कलर या ब्लैक एंड व्हाइट दोनों ही हो सकती है।
आपकी फोटो सामने से खिंची होनी चाहिए, जिस पर आपका पूरा चेहरा होना चाहिए।
कैसे प्राप्त करें वीसा?
पासपोर्ट प्राप्त करने के बाद, आप उस देश के नजदीकी काउंसलेट से संपर्क करें, जहां आप जाना चाहते हैं। वहां से आपको वीजा आवेदन से संबंधित सभी दस्तावेज मिल जाएंगे।
स्टूडेंट वीजा नीचे दी गई शर्तो पर ही दिया जाता है :
पहली शर्त के तहत इस बात का उल्लेख किया जाता है कि छात्र वहां फुल टाइम स्टडी करेगा, जिसमें वह सप्ताह के बीस घंटे कक्षा में बिताएगा।
दूसरी शर्त यह होती है कि छात्र कक्षा में कम से कम 80 प्रतिशत मौजूदगी दर्ज कराएगा।
अगली शर्त यह होती है कि छात्र इनरोल्ड विषय में संतोषजनक प्रदर्शन करेगा।
एक अन्य शर्त के तहत उसे हेल्थ कवरेज भी लेना पडेगा।
कई बार वीजा के लिए संबंधित देश के दूतावास द्वारा इंटरव्यू भी लिया जाता है, जिससे व्यक्ति की उपयुक्तता की जांच की जाती है। ऐसे अवसर पर वीजा ऑफिसर को हर सवाल का जवाब सही-सही देना चाहिए। दरअसल, वीजा ऑफिसर आपके शिक्षा के लिए विदेश जाने के उद्देश्य की जरूरत को समझना चाहता है। इस बात की पुष्टि जरूर कर लें कि आपके सभी दस्तावेजों की प्रतिलिपि वीजा अफसर के पास हो, जिसमें आपका फोटोग्राफ, पासपोर्ट, फाइनैंशियल डॉक्यूमेंट और आज तक की पढाई का ब्योरा हो।
बनाएं अपना बजट
कहीं भी जाने से पहले, उस देश की मुद्रा के आधार पर अपना बजट बनाएं। ऐसा भी देखने में आया है कि छात्र अपने पूरे सेमेस्टर का बजट महज एक सप्ताह में खत्म कर देते हैं। हालांकि, यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं है। इसकी मुख्य वजह यह है कि हम वहां की मुद्रा का सही-सही आकलन नहीं कर पाते और गैर-जरूरी चीजों पर ठीक उसी तरह से खर्च करने लगते हैं, जैसे कि हम अपने देश में खर्च करते हैं। इसलिए यह बेहद आवश्यक है कि हम अपने बजट की योजना लिखित रूप में बनाएं, ताकि हमारे सामने सभी चीजें साफ-साफ दिखें। इसके लिए आप नीचे दिए गए बिंदुओं का सहारा ले सकते हैं :
सप्ताह और प्रतिदिन दोनों का बजट बनाएं और उस पर सख्ती से अमल करें।
मुद्रा के वर्तमान मूल्य को जानने की कोशिश करें (जैसे आपको यह पता होना चाहिए कि एक यूएस डॉलर कितने रुपये का होगा)।
जहां भी जाएं, वहां इस बात को लेकर हमेशा चौकन्ने रहें कि उस देश में छात्रों को छूट मिलती है कि नहीं! वास्तव में कई देशों में छात्रों को खाने-पीने में, सफर में और कई अन्य जगह स्पेशल डिस्काउंट मिलता। उस छूट को भुनाने में कभी न चूकें।
कोशिश करें कि अपना खाना खुद ही पका लें। इससे आपकी अच्छी-खासी बचत हो सकेगी।
दूसरे देश में अधिक खरीदारी से बचें।
जब कभी सफर करें, तो स्टूडेंट हॉस्टल में ही ठहरें। वहां पर आपको कम पैसों में अच्छी सुविधा मिल जाती है।
अपने सामान की सुरक्षा खुद करें, क्योंकि ऐसा कोई देश नहीं है, जहां चोरी-चकारी या लूट-पाट न होती हो।
विदेश में पढने के सपने की इस डगर पर आप खुशहाली से अपना सफर पूरा कर सकें, हमारी यही शुभकामना है।
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