हनुमान रिटर्न्स, रोडसाइड रोमियो, अर्जुन, अलीबाबा-चिंकू और द 40 थीव्स, बाल गणेश आदि में क्या समानता है? दरअसल, ये सभी पिछले एक साल में रिलीज और पॉपुलर होने वाली एनिमेशन फिल्में हैं। इन फिल्मों ने एनिमेशन को न केवल बेहद लोकप्रिय कर दिया है, बल्कि यह भ्रम भी दूर कर दिया है कि एनिमेशन केवल कार्टून फिल्म नहीं होता है।
इन एनिमेटेड फिल्मों में कॉजोल-अजय देवगन जैसे स्टार काम कर रहे हैं। आप टीवी पर कार्टून सीरियल्स काफी पहले से देखते आ रहे होंगे। बच्चे तो आज भी इनके दीवाने होते हैं। अधिकांश लोग टीवी के पर्दे पर चलने वाले इन कार्टून्स को ही एनिमेशन समझते रहे हैं। लेकिन ये कार्टून्स तो महज इसका एक पार्ट है। आज एनिमेशन का दायरा काफी व्यापक हो गया है। फिल्मों, विज्ञापनों में इसका खूब इस्तेमाल हो रहा है। एनिमेशन की मदद से फिल्मों और विज्ञापनों में टेक्नोलॉजी का कमाल दिखाया जा रहा है।
एनिमेशन में है बूम
फिक्की और प्राइस वाटर हाउस कूपर के ताजा अध्ययन के अनुसार, इंडियन एनिमेशन इंडस्ट्री वर्ष 2007 में 13 बिलियन डॉलर की थी, जिसके वर्ष 2012 तक 40 बिलियन डॉलर का हो जाने का अनुमान है। वर्तमान रफ्तार को देखते हुए उस समय तक इसके 25 प्रतिशत की दर से ग्रोथ करने की उम्मीद है। इसमें सबसे बडी भूमिका फिल्म व टेलीविजन सेगमेंट की होगी। खास बात यह है कि डोमेस्टिक डिमांड के साथ-साथ भारत से भारी संख्या में इंटरनेशनल एनिमेशन प्रोजेक्ट भी आउटसोर्स कराए जा रहे हैं। इसका कारण देश में इस क्षेत्र के कुशल एक्सपर्ट्स का होना है। लेकिन जितनी तेजी से यहां एनिमेशन वर्क आ रहा है, उस संख्या में कुशल एनिमेटर्स की भारी कमी महसूस की जा रही है।
करें प्रोफेशनल कोर्स
एनिमेशन ऐसा प्रोफेशनल कोर्स है, जिसे पूरा करने के बाद एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में काम ही काम है। इसमें चाहे तो आप किसी कंपनी में जॉब करें या फिर एसाइनमेंट बेसिस पर फ्रीलांस प्रोजेक्ट करें। दोनों में ही खूब पैसा है, बशर्ते आप जहां से कोर्स करें, वहां मार्केट की डिमांड के अनुसार लेटेस्ट इक्विपमेंट के माध्यम से ट्रेनिंग दी जाती हो। इसके साथ ही, आपमें भरपूर क्रिएटिविटी होनी चाहिए, तभी आप अपनी कल्पनाओं को पंख लगा सकते हैं। यदि आपने बीएफए यानी बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स, एमएफए यानी मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स किया है या कर रहे हैं, तो इस क्षेत्र में आप धूम मचा सकते हैं। ये कोर्स करके आप ड्राइंग-डिजाइन में पारंगत हो जाते हैं। इसके बाद आपको कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर की मदद से नए-नए सृजन करने होते हैं। वैसे तो एनआईडी, अहमदाबाद सहित अनेक उच्च संस्थानों में डिजाइन कोर्स उपलब्ध हैं। इसके अलावा कम्प्यूटर एनिमेशन कोर्स कई निजी संस्थानों में भी संचालित किए जाते हैं, जिनकी अवधि एक से दो वर्ष की होती है। ये डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स के रूप में हो सकते हैं। इन कोर्सो में बारहवीं (किसी भी स्ट्रीम में) के बाद प्रवेश लिया जा सकता है। लेकिन किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले बात की जांच जरूर कर लें कि आपमें कितनी क्रिएटिविटी है और आप इसे किस तरह डेवलॅप करते हैं। दिल्ली स्थित गेको एनिमेशन स्टुडियो के डायरेक्टर और सीईओ परेश मेहता कहते हैं कि कोर्स के दौरान स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप भी कराई जाती है। इसके अंतर्गत हमारे अपने प्रोडक्शन हाउस के प्रोजेक्ट में काम करने का अवसर दिया जाता है, जहां उन्हें बेहद अनुभवी व एक्सपर्ट्स के साथ सीखने का मौका मिलता है। यदि इस क्षेत्र में आपकी रुचि है, तो फिर देर किस बात की, किसी विश्वसनीय संस्थान से कोर्स करने के लिए कदम बढाएं।
प्रमुख संस्थान
जेआईएमएमसी स्कूल ऑफ एनिमेशन एफ-33, सेक्टर-6, नोएडा-201 301 (उ.प्र.) फोन : 0120-2423950, 2423951, ई-मेल : jimmcnoida@gmail.com
वेबसाइट : www.jimmc.in
गेको एनिमेशन स्टुडियो, ई-10, सेकॅन्ड-थर्ड फ्लोर, साउथ एक्सटेंशन, पार्ट-2, मेन मार्केट, नई दिल्ली, फोन : 011-46035357/8, वेबसाइट : www.geckoindia.com
माया एकेडमी ऑफ एडवांस्ड सिनेमेटिक्स (मैक), मैग्टेक टॉवर, सी-56/36, सेक्टर-62, नोएडा, फोन : 0120-4249440, ई-मेल : noida@maacmail.com
एरीना एनिमेशन, ए-65, मारोल, अंधेरी (पूर्व), मुंबई
No comments:
Post a Comment