बात करते समय इधर-उधर देखना, पेन को गोल-गोल घुमाना, बैठने का तरीका या स्माइल। क्या आपने कभी इन बातों पर गौर किया है? नहीं न! आप कहेंगे, क्या रखा है इन बेकार की बातों में। लेकिन यकीन मानिए, ये वे संकेत हैं, जिनका आपकी पर्सनैल्टी से सीधा रिश्ता होता है!
दोस्तो, बातचीत के दौरान शब्दों से कहीं ज्यादा प्रभाव आपके हाव-भाव का होता है। आप क्या कहते हैं, इससे कहीं ज्यादा अहम होता है कि आप उसे किस तरीके से कह रहे हैं। इसमें शब्दों के टोन, आई-कांटेक्ट, बॉडी पॉस्चर आदि की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
दरअसल, यही है बॉडी लैंग्वेज, जिन्हें समझना बेहतर कम्युनिकेशन के लिए बहुत जरूरी है।
बोल देती हैं आंखें
आपसे कभी बडी गलती हो जाए, तो आप क्या करते हैं? अक्सर उसे छुपाने की कोशिश करते हैं न! पर कहते हैं गलतियां छुपाए नहीं छुपतीं। हां चाहकर भी आप उन्हें छुपा नहीं सकते। गलतियां पकड में न आ जाएं, इसके लिए या तो आंखें बचाकर निकल जाना चाहते हैं या झुकी आंखों से आप सच को छुपाने की कोशिश करते हैं। पर यही चीजें पैरेंट्स या टीचर के सामने आपका राज खोल देती हैं। विशेषज्ञों की मानें तो, बॉडी लैंग्वेज में आंखों के हाव-भाव व आइब्रो के मूवमेंट का सबसे महत्वपूर्ण रोल होता है।
सच्ची-मुच्ची की हंसी
क्या आप किसी की हंसी को देखकर उसके बारे में जान सकते हैं! हम तो कहेंगे हंसी को पहचानने में बडे-बडों की छुट्टी हो जाती है। जानते हैं क्यों?
एक रिसर्च के मुताबिक, स्माइल एक-दो नहीं, बल्कि पचासों प्रकार की हो सकती है। इसलिए कौन सी स्माइल ज्यादा अच्छी या सचमुच पॉजिटिव है? इस बारे में तो विशेषज्ञ ही बता सकते हैं न। पर कुछ भी हो, मुस्कान कौन सी पॉजिटिव है और कौन सी बनावटी-यह हंसी को देखकर पता लग जाता है। क्यों सच कहा न?
आपका बॉडी-पॉस्चर
आपको ऐसे बैठना चाहिए., यूं नहीं चलना चाहिए., हाथ मिलाते समय या अभिवादन करते समय आपकी आवाज ही नहीं, बॉडी पॉस्चर भी कॉन्फिडेंट होने चाहिए. । इस तरह के छोटे-छोटे निर्देश अपने टीचर या पैरेंट्स से आपको अक्सर मिलते होंगे। दरअसल, वे यही चाहते हैं कि लोगों के सामने आपकी छवि प्रभावशाली हो। लोग कहें, वाह कितना स्मार्ट स्टूडेंट है! दरअसल, हमारी पर्सनैल्टी को बनाने में बॉडी पॉस्चर का बहुत बडा रोल होता है। आपने टीवी पर भी देखा होगा एंकर या रिपोर्टर किस तरीके से बोलते समय हाथ का प्रयोग करते हैं। साथ ही, कुछ लोग हेलो या अभिवादन करते समय हाथ को हवा में उछाल देते हैं, तो कुछ बेहद कॉन्फिडेंट होकर हाथ मिलाते हैं।
हो सकती है भूल
हम बडी ही आसानी से आंसू और हंसी को दुख अथवा खुशी से जोड लेते हैं। पर आंसू दुख में भी निकल आते हैं। ये खुशी के भी होते हैं। कुछ लोग तो गुस्से में भी रो देते हैं! इसी तरह, हंसी भी अलग-अलग मौकों पर आ जाती है। कई अपनी हार पर भी हंस देते हैं, तो कुछ परेशान होने के बावजूद हंसी में उसे छुपा ले जाते हैं। इसलिए किसी के कुछ कहने या अभिव्यक्ति का सीधा अर्थ निकालने पर हमसे बडी-बडी भूल हो सकती है। इसलिए शब्दों और हाव-भाव के बीच संतुलन को देखकर ही किसी के बारे में धारणा बनाएं। आज से ही इस काम की शुरुआत कर दीजिए। देखिएगा सचमुच, बहुत मजा आएगा।
सीमा झा
ठीक से समझें
बॉडी लैंग्वेज एक ऐसा अस्त्र है, जिसके जरिए आप अपना सच्चा मित्र तलाश सकते हैं। कौन आपसे दिखावे की दोस्ती कर रहा है? इसके जरिए यह पता लगाना भी आसान है। यदि आप बॉडी लैंग्वेज को ठीक से समझ लेते हैं, तो यह भी प्रिडिक्ट कर सकते हैं कि सामने वाले व्यक्ति का अगला कदम क्या होगा! बॉडी लैंग्वेज का एक अलग ही क्षेत्र व विज्ञान है। थोडी सतर्कता और समझदारी से आप शरीर की इस अनोखी भाषा को आसानी से समझ सकते हैं। अपनी बॉडी लैंग्वेज और हाव-भाव को ध्यान से पढिए आप खुद-ब-खुद दूसरों के शारीरिक हाव-भाव समझने लगेंगे।
जयंती दत्ता, मनोचिकित्सक
फास्ट फैक्ट्स
बातचीत का लगभग 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा नॉन-वर्बल होता है। यानी शब्दों से ज्यादा
अहम होते हैं हमारे हावभाव यानी बॉडी लैंग्वेज।
अलग-अलग देशों में अलग-अलग तरह की बॉडी लैंग्वेज होती हैं। जैसे, ग्रीस में सिर झुकाने का अर्थ है नहीं और सिर घुमाने का मतलब हां होता है।
जानवरों की भी होती है अपनी बॉडी लैंग्वेज। घोडा आवाजें निकालते हुए तेजी से दौड लगा रहा है, तो समझिए वह बेहद अच्छे मूड में है। बिल्ली मौसी अपनी पूंछ से ही बहुत कुछ कह देती है। जैसे, आपकी पालतू बिल्ली पूंछ उठाकर आपको देख रही है, तो इसका अर्थ है वह आपसे बहुत खुश है।
कोई बात करते समय एक ओर गर्दन झुका रहा है, तो समझ लीजिए वह आपसे बोर हो रहा है। इसी तरह, जो आपकी ओर देखकर बात करता है, तो इसका अर्थ है वह आपकी बातों में दिलचस्पी ले रहा है।
बातचीत के दौरान बीच-बीच में मुंह को अंगुलियों से छू लेने का अर्थ यही है कि आप कुछ छुपाने की कोशिश कर रहे हैं।
बोलते वक्त पलकें झपकाने का अर्थ है, सामने वाला झूठ बोल रहा है।
शारीरिक हाव-भाव को देखकर आप किसी की भी पर्सनैल्टी का अंदाजा लगा सकते हैं। हां, यही है बॉडी लैंग्वेज का जादू, जो चुपके से आपका राज खोल देता है !
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