
Harish Saharan
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| Lazy fetching decides whether to load child objects while loading the Parent Object. You need to do this setting respective hibernate mapping file of the parent class. Lazy = true (means not to load child) By default the lazy loading of the child objects is true. This make sure that the child objects are not loaded unless they are explicitly invoked in the application by calling getChild() method on parent.In this case hibernate issues a fresh database call to load the child when getChild() is actully called on the Parent object .But in some cases you do need to load the child objects when parent is loaded. Just make the lazy=false and hibernate will load the child when parent is loaded from the database. Example : If you have a TABLE ? EMPLOYEE mapped to Employee object and contains set of Address objects. Parent Class : Employee class Child class : Address Class public class Employee { private Set address = new HashSet(); // contains set of child Address objects public Set getAddress () { return address; } public void setAddresss(Set address) { this. address = address; } } In the Employee.hbm.xml file In the above configuration. If lazy="false" : - when you load the Employee object that time child object Adress is also loaded and set to setAddresss() method. If you call employee.getAdress() then loaded data returns.No fresh database call. If lazy="true" :- This the default configuration. If you don?t mention then hibernate consider lazy=true. when you load the Employee object that time child object Adress is not loaded. You need extra call to data base to get address objects. If you call employee.getAdress() then that time database query fires and return results. Fresh database call. | |
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खेल
द. अफ्रीका के खिलाफ सचिन ने वनडे में अपना 48वां शतक बनाया।
हरभजन सिह ने वनडे मैचों में ढाई सौ विकेट पूरे किए।
मलेशिया के ली चोंग वी ने ऑल इंग्लैड पुरूष एकल खिताब जीता।
महिला वर्ग में चीन की वांग झियान बनी चैम्पियन।
विश्व कप क्रिकेट के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका नें भारत को तीन विकेट से मात दी। मैच में पांच विकेट लेने वाले डेल स्टेन मैन ऑफ द मैच घोषित।
चेन्नई में आयोजित विश्व स्क्वेैश चैम्पियनशिप के फाइनल में इजिप्ट ने इंग्लैड को पराजित कर खिताब पर कब्जा जमाया।
आईपीएल के चौथे संस्करण के लिए किंग्स इलेवन पंजाब ने अपनी टीम घोषित की। एडम गिलक्रिस्ट होंगे कप्तान।
पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर विश्व कप के बाद सन्यास लेंगे।
राष्ट्रीय
दिल्ली हाई कोर्ट ने 2जी मामले में स्पेशल कोर्ट बनाने को हरी झंडी दी।
एटॉमिक एनर्जी रेग्यूलेटरी बोर्ड(एईआरबी) देश के न्यूक्लियर प्लांट में सुरक्षा मानक जांचेगी।
भारत दुनिया का सबसे बडा हथियार आयातक देश बना।
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर रेड्डी के पुत्र जगनमोहन रेड्डी ने नई पार्टी लॉन्च की। पार्टी का नाम वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ।
चीन को पीछे छोडकर भारत दुनिया का सबसे बडा हथियार आयातक देश बना। पिछले पांच सालों में विश्व की कुल हथियार खरीद में 9 फीसदी की हिस्सेदारी। पाकिस्तान तीसरे नंबर पर।
अंतरराष्ट्रीय
पाक खुाफिया एजेंसी, आईएसआई प्रमुख अहमद शुजा पाशा को मिला दूसरा सेवा विस्तार।
नेपाल की राष्ट्रीय करेंसी से हटेगी सम्राट की छवि।
बहरीन में लागू हुआ आपातकाल
उरूग्वे ने फिलस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी।
जापान में भूकंप से परमाणु रिएक्टरों में गडबडी के चलते रेडिएशन फैला।
अमेरिकी राजनयिक रेंमड डेविस को पाकिस्तान में 6 करोड दियात (इस्लामिक कानून के तहत मुआवजा) के बदले रिहा किया गया।
संयुक्त राष्ट्र के वोट से लीबिया में कायम हुआ युद्घ विराम। देश में लागू नो- फ्लाई जोन।
विविध
नासा के मैसेंजर स्पेसक्राफ्ट ने बुध के सौरमंडल में प्रवेश कर रिकॉर्ड कायम किया।
शिखा अवस्थी शॉर्ड ऑफ ऑनर पाने वाली पहली महिला कैडेट।
जनरल वीके सिंह को अमेरिकी वार कॉलेज की हॉल ऑफ फेम सूची में जगह।
देश में ही निर्मित मुख्य युद्घक टैंक(एमबीटी), अर्जुन आधिकारिक तौर से सेना में शामिल।
टाइम मैगजीन ने इतिहास की 16 सबसे क्र ांतिकारी महिलाओं की लिस्ट जारी की। पूर्व दस्यु सुंदरी फूलन देवी को लिस्ट में चौथा स्थान।
अर्थ
इक्विटी कंपनी टीपीजी ने श्रीराम समूह के साथ मिलकर रिटेल कंपनी विशाल के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की।
नोकिया ने ई-7 बिजनेस फोन बाजार में उतारा।
मारूति सुजुकी इंडिया ने अपनी 1 करोडवी कार बाजार में उतारी। ऐसा करने वाली देश की पहली कार कंपनी बनी।
रिलायंस के मुखिया मुकेश अंबानी, बैंक आफ अमेरिका(बीओए) के अगले डायरेक्टर होंगे।
आजकल बैंकों में नौकरी की बहार है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों में बहुत अधिक संख्या में रिक्तियां निकल रही हैं। दरअसल, इन दिनों बैंक अपनी सेवाओं का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। अब बैंकों ने सैलरी भी काफी बढा दी है। यही कारण है कि बैंक की नौकरियों से जुडने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए स्वर्णिम अवसर हैं। बैंक ऑफ बडौदा ने हाल ही में क्लर्क पदों की भर्ती के लिए बडी संख्या में आवेदन आमंत्रित किए हैं। यदि आपको बैंक में नौकरी करने की तमन्ना है, तो आपके पास इस अवसर को कैश करने का सुनहरा अवसर है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 17 फरवरी और लिखित परीक्षा की तिथि 17 अप्रैल है। आप आवेदन बैंक ऑफ बडौदा की वेबसाइट www. bankofbaroda.comके माध्यम से कर सकते हैं। कुल पदों की संख्या 1500 है।
शैक्षिक योग्यता
जनरल कैंडिडेट के लिए इंटरमीडिएट में 55 प्रतिशत अंक या किसी भी विषय से ग्रेजुएशन अनिवार्य है। आरक्षण के दायरे में आने वाले कैंडिडेट्स को सरकारी नियमानुसार छूट का प्रावधान है।
उम्र सीमा
जनरल कैंडिडेट के लिए 18 से 28 वर्ष निर्धारित है। ओबीसी के लिए तीन वर्ष, एससी, एसटी अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा में सरकारी नियमानुसार छूट का प्रावधान है।
सेलेक्शन प्रोसेडयोर
क्लर्क पद के लिए दो चरणों में परीक्षा आयोजित होगी। प्रथम चरण के अंतर्गत ऑब्जेक्टिव टाइप के प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें रीजनिंग, क्लेरिकल एप्टीटयूड, न्यूमेरिकल एबिलिटी, इंग्लिश तथा सोशियो-इकोनॉमिक ऐंड बैंकिंग अवेयरनेस ऐंड कम्प्यूटर अवेयरनेस से संबंधित प्रश्न होंगे। जो अभ्यर्थी इस लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होंगे, उन्हीं को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इसमें सफल होने के बाद आपका अंतिम रूप से चयन हो जाएगा।
तैयारी के लिए रणनीति
अब प्राय: सभी बैंकों में गलत उत्तर देने पर निगेटिव मार्किग का प्रावधान है। इससे बचने के लिए पहले से ही इस बात को गांठ बांध लें कि जिन प्रश्नों के उत्तर आप नहीं जानते हैं या जिनके बारे में आपको दुविधा है, उन्हें कभी भी सॉल्व नहीं करेंगे। किसी भी परीक्षा की तैयारी के लिए उसके सिलेबस को एक बार देखना अनिवार्य है। यदि आप सिलेबस को नहीं देखेंगे, तो आप इसके लिए मुकम्मल तैयारी नहीं कर पाएंगे। आपके लिए सबसे आदर्श स्थिति यह है कि सर्वप्रथम सिलेबस पर एक नजर दौडाएं। यदि आप कुछ मार्गदर्शन के साथ-साथ बेहतर माहौल चाहते हैं, तो अच्छी कोचिंग की भी सहायता ले सकते हैं अथवा यदि आपके सीनियर्स प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हों, तो आप उनसे भी कुछ सीख सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार वस्तुनिष्ठ परीक्षा में यदि प्रश्नों को तेजी और शुद्धता से हल करने की आदत नहीं है, तो अधिकांश प्रश्नों का जवाब दे पाना संभव नहीं है। इसके लिए अधिक से अधिक संख्या में प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करें और शुद्धता का भी पूरा ध्यान रखें। गणित के प्रश्नों को शॉर्टकट फार्मूले से हल करने का प्रयास करें। रीजनिंग और न्यूमेरिकल के लिए विश्वसनीय पुस्तक पढने के अलावा प्रतियोगिता पत्रिकाओं की मदद से प्रैक्टिस सेट हल करने की कोशिश करें। अंग्रेजी के लिए ग्रामर की प्रमाणिक पुस्तक जैसे रेन ऐंड मार्टिन आदि को पढें। इसके साथ ही राष्ट्रीय अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्रों की सहायता से शब्द भंडार बढाते रहें।
प्रैक्टिस है जरूरी
ऑब्जेक्टिव परीक्षा में प्रश्न इस प्रकार के होते हैं, जिन्हें करीब-करीब हर अभ्यर्थी हल कर सकता है, लेकिन कम समय में बडी संख्या में प्रश्न हल करने होते हैं। ऐसी स्थिति में समयाभाव के कारण अधिकांश स्टूडेंट्स सभी प्रश्नों को ठीक ढंग से पढ भी नहीं पाते हैं। अगर आपको इसमें सफल होना है, तो कम समय में सही प्रश्नों का अधिक से अधिक उत्तर देने की कोशिश करनी होगी। इसके लिए अधिक से अधिक अभ्यास करना ही एकमात्र बेहतर विकल्प है। लिखित परीक्षा में सफल होने के बाद इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इसमें सफल होने के बाद आप इस पद के लिए योग्य माने जाएंगे।
अहम है टाइम मैनेजमेंट
टाइम मैनेजमेंट का मतलब है स्पष्ट तौर पर तय किए गए लक्ष्यों को एक निश्चित समय में सफलतापूर्वक हासिल करना। असल में दोनों बातें एक दूसरे से जुडी हुई हैं। अगर लक्ष्य नहीं होगा तो टाइम मैनेजमेंट की जरूरत ही नहीं होगी। टाइम को ठीक से मैनेज नहीं करेंगे तो लक्ष्य पाना मुश्किल हो जाएगा। लक्ष्य या फिर प्राथमिकताएं तय करना टाइम मैनेजमेंट की पहली सीढी है। लक्ष्य तय हो तो उसे पाने का रास्ता आप आसानी से तैयार कर सकते हैं। इसके बाद आप अपने लिए एक रूटीन तैयार कर लें। इसका यह मतलब कतई नहीं कि एक टाइम टेबल बनाकर दीवार या अपनी मेज पर लगा लें और उस पर अमल करना भूल ही जाएं। ऐसा करेंगे तो आपकी मंजिल आपसे मीलों नहीं, कोसों दूर हो जाएगी। इसलिए अपने रूटीन पर बिल्कुल फोकस रहकर अमल कीजिए। यही टाइम मैनेजमेंट का की-फैक्टर है। आप देखें कि पिछले हफ्ते में अगर आप अपने रुटीन पर पूरी तरह अमल नहीं कर पाए हैं तो उस रही सही कसर को आने वाले हफ्तों में पूरा करने की कोशिश करें।